श्रावण मास कांवड़ यात्रा की तैयारियों का उच्च-स्तरीय निरीक्षण : पुलिस उपायुक्त गंगानगर व अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा

श्रावण मास कांवड़ यात्रा की तैयारियों का उच्च-स्तरीय निरीक्षण : पुलिस उपायुक्त गंगानगर व अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा

श्रावण मास कांवड़ यात्रा की तैयारियों का उच्च-स्तरीय निरीक्षण : पुलिस उपायुक्त गंगानगर व अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा

दिनांक 19 जुलाई, 2025 को आगामी श्रावण मास की महत्वपूर्ण कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के उद्देश्य से, जनपद गंगानगर की पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना प्रारंभ कर दिया है। इसी क्रम में, पुलिस उपायुक्त, गंगानगर तथा अपर पुलिस उपायुक्त, गंगानगर द्वारा संयुक्त रूप से जोन-गंगानगर क्षेत्रान्तर्गत की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं और कार्ययोजनाओं का गहन निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने विशेष रूप से ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल की तैनाती (डिप्लॉयमेंट) की योजना, भीड़ नियंत्रण एवं सुगम आवागमन के लिए की गई बैरिकेडिंग की व्यवस्था, तथा आधुनिक तकनीक जैसे सीसीटीवी कैमरे एवं ड्रोन के प्रभावी संचालन तंत्र का बारीकी से परीक्षण किया। यह सुनिश्चित किया गया कि निगरानी व्यवस्था चाक-चौबंद रहे और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर, मौके पर उपस्थित समस्त पुलिस बल तथा सहायक पुलिस आयुक्त (ए.सी.पी.) थरवई, सहायक पुलिस आयुक्त (ए.सी.पी.) झूंसी एवं सहायक पुलिस आयुक्त (ए.सी.पी.) ट्रैफिक को विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। उन्हें यात्रा की संवेदनशीलता, श्रद्धालुओं के प्रति विनम्र एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूर्णतः तत्पर रहने हेतु ब्रीफ किया गया।

निरीक्षण के द्वितीय चरण में, कांवड़ यात्रियों के आवागमन के मुख्य मार्गों पर पड़ने वाले प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं मंदिरों पर की गई व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त, कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु किए गए विशेष प्रबंधों, उनके लिए स्थापित आश्रय एवं विश्राम स्थलों (जहाँ पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों), तथा बैरिकेडिंग व पुलिस बल की रणनीतिक तैनाती का भी विस्तृत अवलोकन किया गया ताकि भीड़ का समुचित प्रबंधन हो सके और कोई अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ एवं अविरल बनाए रखने के उद्देश्य से प्रयागराज-वाराणसी राजमार्ग का भी विशेष रूप से निरीक्षण किया गया, जो कि कांवड़ यात्रा का एक महत्वपूर्ण गलियारा है। इस दौरान, संबंधित मार्गों और स्थलों पर ड्यूटी पर तैनात समस्त पुलिस कर्मियों को स्पष्ट एवं आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इन निर्देशों में यातायात के सुगम प्रवाह को बनाए रखना, सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना तथा विशेषकर श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देना शामिल था।

इसके अतिरिक्त, कांवड़ यात्रा मार्गों पर लागू होने वाले यातायात प्रतिबंधों, मार्ग डायवर्जन योजनाओं तथा किसी भी अप्रिय घटना से बचने हेतु बरती जाने वाली विशेष सावधानियों के संबंध में तैनात पुलिस बल को अत्यधिक सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या अव्यवस्था उत्पन्न न हो और श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से अपनी यात्रा पूर्ण कर सकें।

संपूर्ण निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त थरवई, सहायक पुलिस आयुक्त झूंसी और सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों की व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया और उच्च अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।