कुकुरकटवा हत्याकांड : पीड़ित परिवार से मिले महापौर गणेश केसरवानी, न्याय दिलाने का दिया भरोसा

कुकुरकटवा हत्याकांड : पीड़ित परिवार से मिले महापौर गणेश केसरवानी, न्याय दिलाने का दिया भरोसा

कुकुरकटवा हत्याकांड : पीड़ित परिवार से मिले महापौर गणेश केसरवानी, न्याय दिलाने का दिया भरोसा

प्रयागराज, 19 जून । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में गत दिनों हुए कुकुरकटवा हत्याकांड के पीड़ित परिवार से शुक्रवार को मुलाकात करने पहुंचे प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार अकेला नहीं है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून अपना कार्य पूरी निष्पक्षता और कठोरता से करेगा तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।

मेजा के रामनगर स्थित कुकुरकटवा चौकी क्षेत्र में हाल ही में हुई श्याम लाल गुप्ता, अमरावती देवी एवं इंद्रावती देवी की निर्मम हत्या के बाद महापौर गणेश केसरवानी ने शोकसंतप्त परिवार के आवास पर पहुंचकर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और घटना पर गहरा दुःख जताया।

महापौर ने कहा कि एक ही परिवार के तीन सदस्यों की नृशंस हत्या अत्यंत दुःखद और अमानवीय घटना है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में ऐसी घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है और अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होना आवश्यक है।

परिजनों से बातचीत के दौरान महापौर ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है तथा अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

महापौर ने कहा कि दोषियों को हर हाल में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

इस दौरान उपस्थित लोगों ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की मांग की। महापौर ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन मामले की लगातार निगरानी कर रहा है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।

महापौर की इस संवेदनशील पहल से शोकसंतप्त परिवार को भावनात्मक संबल मिला और उन्हें यह विश्वास मिला कि दुःख की इस घड़ी में समाज और सरकार उनके साथ खड़े हैं।