दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने शिक्षा निदेशालय को पहले चरण में 15 लैपटॉप सौंपे

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने शिक्षा निदेशालय को पहले चरण में 15 लैपटॉप सौंपे

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने शिक्षा निदेशालय को पहले चरण में 15 लैपटॉप सौंपे

नई दिल्ली, 20 मार्च । दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सदन से लेकर कक्षा तक, प्रत्येक सार्वजनिक संपत्ति का उच्चतम उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में सहायक होना चाहिए। यह विचार अध्यक्ष ने शुक्रवार को शिक्षा निदेशक वेदिता रेड्डी के साथ विधानसभा परिसर में हुई एक बैठक के दौरान व्यक्त किए। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने पहले चरण में 15 लैपटॉप शिक्षा निदेशालय दिल्ली सरकार को सौंपे। इन लैपटॉप का उपयोग दिल्ली के सरकारी स्कूलों में किया जाएगा, जिससे छात्रों को डिजिटल उपकरणों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और तकनीक के माध्यम से कक्षा में सीखने की प्रक्रिया भी मजबूत होगी।

उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में कुल 50-60 लैपटॉप चरणबद्ध तरीके से निदेशालय को सौंपे जाएंगे, जिनमें उन छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें डिजिटल संसाधनों की सर्वाधिक आवश्यकता है।

विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि दिल्ली विधानसभा सचिवालय में मानसून सत्र 2025 से नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे विधायी कामकाज के डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिला है। नेवा परियोजना के तहत लोक निर्माण विभाग द्वारा नए लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम खरीदे गए थे, जिसके बाद पुराने लैपटॉप अब सरकारी स्कूलों में उपयोग के लिए शिक्षा विभाग को दिए जा रहे हैं।

इस पहल को आगे बढ़ाते हुए गुप्ता ने कहा कि 2019 में खरीदे गए लैपटॉप, जो वर्तमान में भी कार्य करने की अच्छी स्थिति में हैं, उन्हें शिक्षा विभाग को सौंपने की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि यह सरकारी संसाधनों के सही इस्तेमाल का बेहतरीन उदाहरण है, जहां पुरानी चीजों को बेकार छोड़ने के बजाय उन्हें फिर से काम में लाकर बच्चों की शिक्षा और समाज की भलाई में लगाया जा रहा है।