प्रयागराज में कसारी-मसारी अब बनेगा ‘श्रीकृष्णपुरी’, माफिया की जमीन पर गरीबों के लिए बनेंगे घर: योगी

पद्मलोक आवासीय योजना का भूमि पूजन, पहले चरण में 602 और दूसरे चरण में 598 परिवारों को मिलेगा आवास; बाजार, पार्क, जिम और खेलकूद की सुविधाएं भी विकसित होंगी।

प्रयागराज में कसारी-मसारी अब बनेगा ‘श्रीकृष्णपुरी’, माफिया की जमीन पर गरीबों के लिए बनेंगे घर: योगी


प्रयागराज, 15 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को संगम नगरी प्रयागराज के कसारी-मसारी में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर पद्मलोक आवासीय योजना का भूमि पूजन किया। उन्होंने घोषणा की कि कसारी-मसारी क्षेत्र को अब ‘श्रीकृष्णपुरी’ के नाम से विकसित किया जाएगा। यहां 191 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 602 आवास बनाए जाएंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पीपलगांव में निर्मित 556 आवासों के लाभार्थियों को चाबी सौंपी।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश में विकास और बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अब माफिया की जमीन पर गरीबों के लिए पक्के मकान बनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में अब कोई माफियागिरी करने का दुस्साहस करेगा तो उसे मिट्टी में मिलने के लिए तैयार रहना होगा। सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। किसी भी अपराधी को रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि माफिया से मुक्त कराई गई जमीन का इस्तेमाल अब गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है।

करीब 1,200 परिवारों को मिलेगा अपना घर

मुख्यमंत्री ने बताया कि कसारी-मसारी में लगभग 9,811 वर्ग मीटर भूमि पर पद्मलोक आवासीय योजना के तहत पहले चरण में 602 आवास बनाए जाएंगे। दूसरे चरण में 598 परिवारों को आवास देने की योजना है। इस तरह करीब 1,200 परिवारों को पक्के घर उपलब्ध होंगे। इससे पहले लूकरगंज में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर 86 गरीब परिवारों के लिए बहुमंजिला भवन बनाकर आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर कभी माफिया और उसके गुर्गों का कब्जा था, वहां अब गरीब परिवारों के सपनों को साकार किया जाएगा। यह केवल अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि मुक्त कराई गई जमीन का उपयोग जरूरतमंद लोगों के हित में करने का प्रयास भी है।

बाजार, पार्क, जिम और खेलकूद की सुविधाएं भी

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्णपुरी में केवल मकान ही नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि इसे एक व्यवस्थित टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां बाजार, पार्क, जिम और खेलकूद के लिए स्थान सहित जरूरत के अनुसार अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण इन सुविधाओं को विकसित करेगा।

उन्होंने कहा कि करीब 1,200 परिवारों के रहने से इस आवासीय परिसर में छह से साढ़े छह हजार से अधिक लोगों की आबादी होगी। गरीबों को आवास देने का अर्थ केवल सिर पर छत उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनके परिवारों को बेहतर वातावरण और सम्मानपूर्वक जीवन जीने की सुविधाएं देना भी है। सरकार बिना किसी भेदभाव के पात्र गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में सरकार ने 65 लाख गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं।

माफिया के डर से मुक्त हुआ प्रयागराज

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज को तीर्थराज, सामाजिक समता की भूमि और भगवान अक्षयवट तथा महर्षि भारद्वाज की साधना से पवित्र धरती बताया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब माफिया जिस जमीन पर कब्जा कर लेते थे, उसे अपनी संपत्ति समझने लगते थे। लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल था। ऐसे वातावरण में विकास, निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना मुश्किल था।

उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया। आज माफिया के अवैध साम्राज्य को ध्वस्त कर मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य सुरक्षित वातावरण तैयार करना है, ताकि आम नागरिक भयमुक्त होकर जीवन जी सकें और प्रदेश विकास के नए प्रतिमान स्थापित करे।

सड़कों और कनेक्टिविटी में हुआ सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में बड़े पैमाने पर सड़कों का चौड़ीकरण किया गया। अब यहां सात से 14 मीटर तक चौड़ी सड़कें हैं, जिससे आवागमन आसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निर्माण भी लगभग पूरा होने की स्थिति में है।

उन्होंने बताया कि प्रयागराज में महाराजा बिजली पासी के नाम पर आईटीआई बनाने की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है। महाराजा बिजली पासी के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से संस्थान का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज अब बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। यहां एयरपोर्ट की सुविधा उपलब्ध है और गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ तथा दिल्ली की यात्रा आसान होगी। पहले कार से दिल्ली पहुंचने में 10 से 12 घंटे लगते थे, जबकि एक्सप्रेसवे से यह दूरी लगभग सात घंटे में पूरी की जा सकेगी।

स्वतंत्र देव सिंह और नंदी ने गिनाए विकास के कार्य

प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों के साथ कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है। सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मंत्र के साथ बिना भेदभाव पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। सरकारी पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जा रहा है और प्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदली है। उत्तर प्रदेश ने यह साबित किया है कि स्पष्ट नीति, ईमानदार नीयत और परिणाम देने वाली व्यवस्था से लोगों को न्याय मिल सकता है। उन्होंने कहा कि पद्मलोक आवासीय योजना गरीबों को घर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश बदहाली से खुशहाली और कुशासन से सुशासन की ओर बढ़ा है।

शहर पश्चिमी के विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर 602 घरों के निर्माण का भूमि पूजन सुशासन, सुरक्षा और विकास का उदाहरण है। क्षेत्र में हुए विकास कार्यों से लोग खुश हैं और अब बिना भय के आवागमन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और बहन-बेटियां स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ममता, सिंधु श्रीवास्तव, कंचन सोनी, बसंती देवी, निरूपमा चक्रवर्ती, शंकरलाल कुशवाहा, प्रियंका सोनकर, ललिता पांडेय, रंजिता सोनकर और हरिशंकर मिश्र को आवास की चाबी का प्रतीकात्मक वितरण किया। कार्यक्रम में सांसद फूलपुर प्रवीण पटेल, पूर्व सांसद विनोद सोनकर, विधायक पीयूष रंजन निषाद, गुरु प्रसाद मौर्य, दीपक पटेल, हर्षवर्धन वाजपेयी, पूजा पाल, महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।