संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण सुदृढ़ करने काे हुई समीक्षा बैठक

संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण सुदृढ़ करने काे हुई समीक्षा बैठक

संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण सुदृढ़ करने काे हुई समीक्षा बैठक

लखनऊ, 25 जून। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद लखनऊ के सचिव ओ.पी. त्रिपाठी की अध्यक्षता में गुरुवार को संस्कृत परिषद कार्यालय में निरीक्षक संस्कृत पाठशाला उत्तर प्रदेश प्रयागराज एवं समस्त मण्डलीय उप निरीक्षक संस्कृत पाठशालाओं के साथ संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण सृजन, स्कूल चलो अभियान, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण अधिगम आदि बिन्दुओं पर समीक्षा बैठक की गयी।

सचिव संस्कृत शिक्षा परिषद ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण को संवर्धित करने, संस्कृत परिषद द्वारा विद्यालयों को उपलब्ध कराये गये शैक्षिक पंचांग के अनुसार पठन-पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों का नियमित निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 में दिये गये निर्देशानुसार पठन-पाठन कराने के निर्देश सुनिश्चित करने, कैरियर गाइड लाइन पोर्टल पंख पर संस्कृत विद्यालयों के परीक्षार्थियों का पंजीकरण कराकर मार्गदर्शन प्राप्त कराने पर जोर दिया गया।

मिशन पहचान के अंतर्गत विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, ज्ञान में वृद्धि हेतु प्रार्थना सभा में प्रतिदिन रोस्टर के अनुसार एक विद्यार्थी द्वारा सदृश्य सूचना पट्ट पर "आज का सुविचार" संस्कृत भाषा में लिखा जाएगा तथा सभा में उसकी व्याख्या की जायेगी। विद्यार्थियों द्वारा दैनिक समाचार पत्रों का वाचन कर देश-दुनिया व प्रासंगिक विषयों पर समाचार व विचार सुनाया जाएगा। सुविचार पंजिका में प्रतिदिन के विचार को लिपिबद्ध किया जाना एवं माह के सर्वश्रेष्ठ विचार वाले विद्यार्थी को माह के अंत में सम्मानित किया जाना तय किया गया।

छात्र-छात्राओं में सृजनात्मक कौशल एवं वैज्ञानिक अभिवृत्ति और अभिरुचि विकसित करने के लिये तथा प्रत्येक शनिवार को फन डे (आनन्दमय दिवस) के अंतर्गत वाद-विवाद, क्विज, निबंध लेखन एवं स्थानीय भ्रमण आदि के द्वारा अधिगम को संवर्धित करने के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये।

संस्थागत सुधार के अन्तर्गत विद्यालयों से प्राप्त हो रहे विभिन्न प्रकार के संशोधनों के लिए प्रपत्र विहित कर सभी उप निरीक्षकों को उपलब्ध कराते हुए निर्देश दिये गये कि सभी संस्कृत विद्यालयों से विहित प्रपत्रों पर ही संशोधन के प्रकरण संस्कृत परिषद कार्यालय को प्रेषित किये जाएं।

एनसीईआरटी के डिजिटल रिसोर्स जिसमें पुस्तकें, मोबाइल एप एवं क्यूआर कोड रिसोर्स शामिल है, का उपयोग करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाए। यह रिसोर्स विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के लिये उपयोगी हैं। संस्था के अध्यापकों को परामर्श दिया गया कि वे एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित "माध्यमिक स्तर पर सीखने के प्रतिफल" पुस्तक को अवश्य पढ़ें, जिससे उन्हें बच्चों द्वारा सीखने के उपागम में उन दक्षताओं को जान सकेंगे जिनको विद्यार्थियों में निरंतर विकसित एवं संवर्धित किया जाना है।