प्रयागराज के एमएलएन मेडिकल कॉलेज में शोध और शोध पत्र प्रकाशन पर कार्यशाला, 35 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

प्रधानाचार्य डॉ. ए.के. वर्मा बोले- गुणवत्तापूर्ण शोध से बेहतर होंगे उपचार और नीतिगत निर्णय, विशेषज्ञों ने सिखाए शोध पत्र प्रकाशन के तरीके

प्रयागराज के एमएलएन मेडिकल कॉलेज में शोध और शोध पत्र प्रकाशन पर कार्यशाला, 35 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

प्रयागराज, 11 अक्टूबर ।चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर उपचार और नीतिगत निर्णयों के लिए गुणवत्तापूर्ण शोध आवश्यक है। शोधकर्ताओं को आंकड़ों का सही विश्लेषण करने और अपने निष्कर्षों को वैज्ञानिक तरीके से प्रस्तुत करने की जानकारी होनी चाहिए। ऐसी कार्यशालाएं शोध की गुणवत्ता बढ़ाने और अकादमिक क्षमता मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह बात रविवार को मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. ए.के. वर्मा ने शोध और शोध पत्र प्रकाशन पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन के दौरान कही।मेडिकल कॉलेज की बहुविषयक अनुसंधान इकाई (एमआरयू) की ओर से डीएचआर-आईसीएमआर के अंतर्गत इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईजेएमआर) के सहयोग से कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें शोधकर्ताओं को आंकड़ों के विश्लेषण, शोध परिणामों की सही व्याख्या और शोध पत्रों को प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।कार्यशाला में बताया गया कि शोध पत्रों की समीक्षा के दौरान संपादक और समीक्षक किन पहलुओं पर ध्यान देते हैं। साथ ही शोध निष्कर्षों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और शोध पत्र की गुणवत्ता बेहतर बनाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।

सही विश्लेषण और स्पष्ट प्रस्तुति जरूरी

एमआरयू की टीम ने डॉ. कविता चावला के नेतृत्व में कार्यशाला का आयोजन किया। डॉ. कविता चावला ने कहा कि शोध में आंकड़ों का सही विश्लेषण और निष्कर्षों की स्पष्ट प्रस्तुति बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यशाला से प्रतिभागियों को शोध पत्र तैयार करने, उसकी गुणवत्ता सुधारने और प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशन की प्रक्रिया समझने का अवसर मिला। इससे चिकित्सा शोध को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने में मदद मिलेगी।

चार संस्थानों के शिक्षक हुए शामिलकार्यशाला में कुल 35 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, आईएमएस-बीएचयू, एम्स रायबरेली और जीएमसी चंडीगढ़ के शिक्षक शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. ऋचा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।मेडिकल कॉलेज के सह आचार्य डॉ. संतोष सिंह ने कार्यशाला के संबंध में जानकारी दी। आयोजकों के अनुसार, कार्यशाला का उद्देश्य शोधकर्ताओं को शोध पत्रों के प्रभावी प्रकाशन के लिए आवश्यक जानकारी देना और चिकित्सा अनुसंधान की गुणवत्ता को बेहतर बनाना था।