प्रयागराज का ऐतिहासिक बड़ा ताजिया उठाने का विवाद : हाईकोर्ट ने कहा, प्रशासन को आपत्ति नहीं
प्रयागराज का ऐतिहासिक बड़ा ताजिया उठाने का विवाद : हाईकोर्ट ने कहा, प्रशासन को आपत्ति नहीं
प्रयागराज, 25 जून । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन के उस पत्रजात पर संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रशासन को इस वर्ष प्रयागराज के बड़ा ताजिया उठाने पर किसी प्रकार का उसकी तरफ से कोई अवरोध नहीं है। हाईकोर्ट ने प्रशासन के इस इंस्ट्रक्शन पर संज्ञान लेकर याचिका को निस्तारित कर दिया।
याचिका इलाहाबाद ऐतिहासिक मोहर्रम कमेटी की तरफ से अध्यक्ष अशरार अहमद नियाजी व दो अन्य ने दाखिल की थी। कोर्ट ने कहा कि जब प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं है, तो यह मुस्लिम समुदाय का आपसी मामला है और इसमें कोर्ट या सरकार दखल नहीं देगी।
संगमनगरी प्रयागराज में इस साल मोहर्रम पर ऐतिहासिक ‘बड़ा ताजिया’ उठाया जाएगा या नहीं, इस कानूनी विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना रुख साफ कर दिया है। अदालत ने इस मामले में किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया है।
जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस अरुण कुमार की बेंच ने साफ किया है कि यह पूरी तरह से मुस्लिम समुदाय का आंतरिक मामला है और इससे उत्तर प्रदेश सरकार या स्थानीय प्रशासन का कोई लेना-देना नहीं है।
--आखिर क्या है बड़ा ताजिया को लेकर पूरा विवाद?बता दें कि यह पूरा मामला ‘इलाहाबाद ऐतिहासिक मोहर्रम कमेटी’ की एक जनहित याचिका से जुड़ा है। असल में, सालों पुरानी परम्परा के मुताबिक इस ऐतिहासिक बड़ा ताजिया को उठाने की मुख्य जिम्मेदारी एक दूसरी संस्था यानि वक्फ ताजिया कलां के अध्यक्ष रेहान खान की थी। लेकिन इस बार अध्यक्ष रेहान खान ने बिना किसी ठोस वजह के ताजिया उठाने से इंकार कर दिया।
--हाईकोर्ट में क्या हुआ और प्रशासन ने क्या कहा?इस मामले पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रयागराज जिला प्रशासन से पूछा था कि क्या सरकारी स्तर पर ताजिया उठाने पर कोई रोक है? इस पर सरकारी वकील ने कोर्ट में साफ कर दिया कि सरकार या स्थानीय पुलिस-प्रशासन को मोहर्रम का जुलूस निकालने पर कोई आपत्ति नहीं है और न ही कोई रोक-टोक लगाई गई है।