योगी आदित्यनाथ का समाज को तोड़ने वाली शक्तियों पर करारा प्रहार: राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का आह्वान

योगी आदित्यनाथ का समाज को तोड़ने वाली शक्तियों पर करारा प्रहार: राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का आह्वान

योगी आदित्यनाथ का समाज को तोड़ने वाली शक्तियों पर करारा प्रहार: राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का आह्वान

वाराणसी, 18 जुलाई : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वाराणसी में समाज में विघटन और विभाजन पैदा करने वाली ताकतों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वसंत महिला महाविद्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान कहा कि इन राष्ट्रविरोधी और समाज विखंडित करने वाली शक्तियों की पहचान करना और उन्हें बेनकाब करना नितांत आवश्यक है, जो भारत की सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विशेष रूप से कांवड़ यात्रा का उल्लेख किया, जो इस समय सावन मास में पूरे भक्ति भाव और उत्साह के साथ चल रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांवड़ यात्रा एक ऐसे धार्मिक-सामाजिक आयोजन का प्रतीक है, जिसमें बिना किसी जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति के भेद के, समाज का हर तबका उत्साहपूर्वक भाग ले रहा है। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन है, बल्कि यह गरीबों से लेकर अमीरों तक, समाज के सभी वर्गों को एकजुटता के सूत्र में पिरोती है।

योगी आदित्यनाथ ने कुछ मीडिया घरानों और व्यक्तियों द्वारा कांवड़ियों के "मीडिया ट्रायल" पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मामूली घटनाओं को आधार बनाकर कांड़ियों को "उपद्रवी" के रूप में चित्रित किया जा रहा है, और कुछ असामाजिक तत्व तो उन्हें "आतंकवादी" कहने का भी दुस्साहस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे समाज को बांटने और विद्वेष फैलाने का एक सुनियोजित प्रयास बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे तत्व वही हैं जो समाज में बिखराव पैदा कर लोगों को मुख्यधारा से अलग करने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने आगाह किया कि ये विभाजनकारी शक्तियां सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए फेक अकाउंट बनाती हैं और उनके माध्यम से जातीय संघर्ष तथा सामाजिक वैमनस्य फैलाने का काम करती हैं। मुख्यमंत्री ने विगत में हुई एक घटना का उदाहरण दिया, जिसमें आगजनी की एक वारदात के दौरान एक व्यक्ति को भगवा गमछा ओढ़े हुए दिखाया गया, लेकिन बाद में उसके मुंह से "या अल्लाह" जैसे शब्द निकले, जिससे उसकी वास्तविक पहचान और इरादे पर गंभीर सवाल उठे। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के पीछे छिपे चेहरों को चिन्हित करना और उन्हें उजागर करना बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि उनके नापाक मंसूबों को विफल किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सावन से पूर्व आए मुहर्रम के दौरान ताज़िये की ऊंचाई सीमित रखने के नियम बनाए गए थे। इन नियमों का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना था, क्योंकि अत्यधिक ऊंचे ताज़िये बिजली के तारों और पेड़ की टहनियों से टकराकर जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बन सकते थे। उन्होंने जौनपुर की एक दुखद घटना का जिक्र किया, जहाँ ताज़िये की अधिक ऊँचाई के कारण हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद हुए उपद्रव से सख्ती से निपटने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जहां बातें बेअसर हों, वहां कठोर कार्रवाई ही एकमात्र समाधान होता है, और उनकी इस नीति का किसी ने विरोध नहीं किया।

योग आदित्यनाथ ने भावुक अपील करते हुए कहा कि आज कांवड़ यात्री सैकड़ों किलोमीटर की कठिन यात्रा अपनी भक्ति भावना के साथ पूरी करते हैं। वे "हर हर बम" का उद्घोष करते हुए कंधे पर गंगाजल लेकर चलते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नकारात्मक रूप से मीडिया ट्रायल का सामना करना पड़ता है। उन्हें "उपद्रवी" और "आतंकवादी" तक कहा जाता है। उन्होंने ऐसे लोगों की मानसिकता पर सवाल उठाया, जो हर प्रकार से भारत की समृद्ध विरासत और आस्था को अपमानित करने का प्रयास करते हैं। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यही वे लोग हैं जो सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट्स का इस्तेमाल कर देश में जातीय तथा सामाजिक संघर्ष की आग भड़काने का षड्यंत्र रचते हैं। उन्होंने देशवासियों से ऐसे विभाजनकारी तत्वों के प्रति सतर्क रहने और राष्ट्रीय एकता व अखंडता को बनाए रखने का आह्वान किया।