समाज का प्रबोधन करना ही सच्ची पत्रकारिता : सुभाष

समाज का प्रबोधन करना ही सच्ची पत्रकारिता : सुभाष

समाज का प्रबोधन करना ही सच्ची पत्रकारिता : सुभाष

प्रयागराज, 10 मई । आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को हिंदुस्तानी अकादमी में विश्व संवाद केंद्र प्रयागराज काशी प्रांत के द्वारा ’सामाजिक परिवर्तन में मीडिया की भूमिका’ विषयक गोष्ठी आयोजित की गयी। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष ने कहा कि समाज का प्रबोधन करना ही सच्ची पत्रकारिता है। समसामयिक विषयों के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाना मीडिया का कार्य है। इसके लिए पत्रकारों को दीपक की तरह जल कर समाज मे वैचारिक प्रकाश फैलाना पड़ता है। इसकी प्रेरणा नारद जी से मिलती है।

उन्होंने पंजाब केसरी, इंडियन एक्सप्रेस जैसे समाचार पत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि संपादक जगत नारायण लाला जैसे संपादकों को श्रेष्ठ जीवन मूल्य स्थापित करने के प्रयास में अपने प्राणों का बलिदान करना पड़ा, लेकिन अखबार का प्रकाशन बंद नहीं होने दिया। ऐसे लोग पत्रकारों के प्रेरणास्रोत हैं। गीता प्रेस के संस्थापक हनुमान प्रसाद पोद्दार ने सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली भारत रत्न जैसे सम्मान को विनम्रता के साथ अस्वीकार कर पूरे समाज के सामने नया आदर्श स्थापित किया। रामायण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद कोमल चित्त वाले थे उनके अंदर करुणा और ममता थी, यह पत्रकारों का स्वभाव होना चाहिए। उन्होंने दैनिक जागरण के पूर्व संपादक नरेन्द्र मोहन की भी चर्चा की और उनसे पत्रकारों को प्रेरणा लेने की बात कहीं।

कुम्भ मेले में कवरेज के दौरान कुछ पत्रकारों की ओर से की गई नकारात्मक रिपोर्टिंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा पत्रकारों को अनावश्यक नकारात्मक छवि प्रस्तुत करने से बचना चाहिए। पत्रकार सैनिकों की भाति कलम के सिपाही हैं। कलम के सिपाही का मूल कर्तव्य है सामाजिक चेतना, सत्य को सामने लाना, राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीयता, ऐतिहासिक एवं सांस्क्ृतिक विचारों को संबल प्रदान करने का कार्य करना। यही नारद जयंती मनाने का उद्देश्य है।

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए अमर उजाला के संपादक योगेश नारायण दीक्षित ने ‘आज की पत्रकारिता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम सब लोग पत्रकारिता के मूल उद्देश्य से भटक कर व्यवसायीकरण की ओर बढ़़ रहे हैं। हमें चिंतन करना होगा कि पत्रकार सत्य को उजागर एवं समाज की दृष्टि को सामने लाने के लिए समाज प्रहरी के रूप में कार्य करता है। इसीलिए मीडिया को लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तम्भ माना गया है। सोशल मीडिया पर अच्छे नॉरेटिव वायरल करने का उन्होंने सुझाव दिया।

विषय प्रवर्तन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ मुरारजी त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता का धर्म देवर्षि नारद से सीखना चाहिए। एजेंडा आधारित पत्रकारिता समाज का भला नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का इतिहास सृष्टि के प्रारंभ में नारद जी से शुरू होता है। लोक मंगल हेतु की गई पत्रकारिता ही समाज के लिए उपयोगी है। राष्ट्रहित में किया जाता है। मंच पर प्रचार विभाग के पालक आशीष की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

गोष्ठी संचालन विभाग प्रचार प्रमुख वसु पाठक ने तथा अतिथि परिचय सह विभाग प्रचार प्रमुख मुकेश ने तथा धन्यवाद ज्ञापन कृष्ण मनोहर तिवारी प्रचार प्रमुख, प्रयागराज दक्षिण भाग द्वारा किया गया। गोष्ठी में प्रांत प्रचारक रमेश, राकेश सह भाग कार्यवाह, चारूमित्र, व्रतशील शर्मा, रितेश, विष्णु, कृष्ण मनोहर, आदित्य, संतोष कुमार तिवारी, विजेंद्र राय, रामनरेश त्रिपाठी पिंडीवासा, राजेश प्रताप आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।