प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सोमनाथ मंदिर में बनेंगे कुंभाभिषेक के साक्षी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सोमनाथ मंदिर में बनेंगे कुंभाभिषेक के साक्षी
वेरावल (गिर सोमनाथ) गुजरात, 11 मई । भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम ज्योतिर्लिंग 'सोमनाथ मंदिर' प्रांगण अमृत पर्व के लिए पूरी तरह तैयार है। पहली बार मंदिर के भव्य शिखर पर विशेष कलश से देश के 11 पवित्र तीर्थों के जल से कुंभाभिषेक किया जाएगा। इसी के साथ सोमनाथ के गौरवशाली इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सुबह लगभग सवा 10 बजे इस आयोजन के साक्षी बनेंगे।
विशेष रूप से तैयार किए गए करीब आठ फीट ऊंचे कलश की क्षमता 1100 लीटर की है। इसकी पूरी संरचना का वजन 1860 किलोग्राम है, जिसमें कलश का वजन 760 किलोग्राम है। इतना विशाल और तकनीकी रूप से उन्नत कलश अपने आप में एक अद्भुत इंजीनियरिंग का उदाहरण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस दिव्य क्षण के साक्षी बनने के लिए सोमनाथ पहुंच चुके हैं। सोमनाथ मंदिर को फूलों से सजाया गया है।
सोमनाथ अमृत महोत्सव पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विशेष महा पूजा में शामिल होंगे। इसके बाद कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण समारोह में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री सोमनाथ की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक महत्व पर केंद्रित स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी करेंगे।
अमृत महोत्सव से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि 90 मीटर ऊंची क्रेन की सहायता से इस विशाल कुंभ को मंदिर के शिखर तक सावधानीपूर्वक पहुंचाया जाएगा। अत्याधुनिक रिमोट कंट्रोल प्रणाली और सेंसर सिस्टम की सहायता से मात्र तीन मिनट में शिखर पर स्थापित कलश से वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटों की गूंज के बीच 11 पवित्र तीर्थों के पवित्र जल से शिखर अभिषेक संपन्न होगा। यह मंदिर गिर सोमनाथ जिले के प्रभास पाटन में अरब सागर के तट पर है।