सनातन परंपरा के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक क्षण, अयोध्या में रामनवमी पर होगा 1251 कुण्डीय महायज्ञ
- 20 से 28 मार्च तक रामनगरी बनेगी सनातन का वैश्विक केंद्र - आध्यात्मिक महाशक्ति भारत सनातन परंपरा के बल पर फिर बनेगा विश्वगुरु: दयाशंकर सिंह
महोबा, 19 मार्च । उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद में चैत्र नवरात्र को लेकर देवी मंदिरों में गुरुवार सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटी रही है। भक्त माता की भक्ति में डूबे नजर आ रहे हैं। नवरात्र के पहले दिन भक्तों ने भक्तिभाव से मां शैलपुत्री की आराधना कर घर परिवार के कल्याण की मनोकामना की है।
नवरात्र के प्रथम दिन जनपद मुख्यालय स्थित मां बड़ी चंद्रिका देवी, मां छोटी चंद्रिका देवी, विंध्यवासिनी देवी समेत सभी देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा है। पंडित सत्यव्रत चतुर्वेदी ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है। पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। मां शैलपुत्री को लाल रंग अति प्रिय है, उन्हें लाल रंग की चुनरी , नारियल, और मीठा पान आदि भेंट करें। इनके पूजन से संतान वृद्धि व ऐश्वर्य की शीघ्र प्राप्ति होती है।
उन्होंने बताया कि जातक मां शैलपुत्री का ही पूजन करते हैं तो उन्हें सभी देवियों की कृपा प्राप्त होती है। यह सभी राशियों के शुभ होने के साथ ही मेष और वृश्चिक राशि के लिए विशेष फलदायी है।