श्रृंगवेरपुर में साकार हो रही राम-निषादराज की मित्रता की अमर गाथा, विरासत संरक्षण के दूसरे चरण के कार्य तेज
भगवान राम-निषादराज मिलन की भव्य प्रतिमा बन चुकी आकर्षण का केंद्र, पर्यटन विभाग विकसित कर रहा संपूर्ण आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परिसर
प्रयागराज, 15 जून। भगवान श्रीराम और उनके बाल सखा निषादराज गुह की मित्रता, समरसता और सामाजिक समानता की अमर गाथा को नई पहचान देने के लिए श्रृंगवेरपुर में पर्यटन विभाग द्वारा व्यापक विकास कार्य कराए जा रहे हैं। वर्षों तक उपेक्षित रहे इस ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थल को अब केंद्र की मोदी एवं प्रदेश सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का अभियान शुरू किया है। भगवान श्रीराम एवं निषादराज गुह के मिलन की भव्य प्रतिमा तथा निषादराज पार्क पहले ही स्थापित और विकसित किए जा चुके हैं, जबकि अब द्वितीय चरण में विरासत संरक्षण एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह ने बताया कि श्रृंगवेरपुर केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि रामायणकालीन इतिहास और भारतीय संस्कृति की जीवंत धरोहर है। यहां भगवान श्रीराम और निषादराज गुह के मिलन को दर्शाने वाली भव्य प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है तथा निषादराज पार्क को आकर्षक स्वरूप दिया गया है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुभारंभ किए गए द्वितीय चरण के विकास कार्यों के तहत भगवान राम एवं निषादराज गुह से जुड़े अन्य पौराणिक स्थलों का संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इसके अलावा संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, प्राचीन तालाबों का पुनरुद्धार, परिसर का सौंदर्यीकरण, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार तथा श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए विशाल हाल और अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
अपराजिता सिंह ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत आधुनिक लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है, जिसके माध्यम से भगवान श्रीराम, माजता सीता और लक्ष्मण के वनगमन तथा निषादराज गुह द्वारा गंगा पार कराने के ऐतिहासिक प्रसंग को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भारतीय संस्कृति और रामायणकालीन इतिहास से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि श्रृंगवेरपुर में अब तक लगभग 135 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि लगभग 30 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कार्य प्रस्तावित एवं प्रगति पर हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने के बाद श्रृंगवेरपुर धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर प्रमुख स्थान प्राप्त करेगा।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने कहा कि भगवान श्रीराम और निषादराज गुह की मित्रता भारतीय समाज में सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का सर्वोत्तम उदाहरण है। पर्यटन विभाग का उद्देश्य इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाना और श्रृंगवेरपुर को एक ऐसे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करना है, जहां इतिहास, आस्था और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का सुंदर संगम दिखाई दे।