यमुना प्राधिकरण बना हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
यमुना प्राधिकरण बना हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
नोएडा, 27 जून । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। यहां अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, ओडीओपी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
गौतम बुद्ध नगर के सहायक निदेशक सूचना सुनील कुमार कनौजिया ने बताया कि उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-10 में 206.40 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी पार्क) को 24 जून 2025 को मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली औद्योगिक अवसंरचना विकसित कर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए विश्वस्तरीय इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके लिए यीडा ने 28 मार्च 2024 को परियोजना प्रबंधन एजेंसी एसटीपीआई लिमिटेड के माध्यम से प्रस्ताव भेजा था। स्वीकृति मिलने के बाद 3 जुलाई 2025 को यीडा और एसटीपीआई के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। परियोजना के अनुसार ईएमसी पार्क का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाएगा। इसके लिए अवसंरचना निर्माण हेतु ईपीसी मोड पर टेंडर जारी किया गया, जिसके बाद मैसर्स जेएसपी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को कार्य आवंटित किया गया है। समस्त आधारभूत संरचना का कार्य सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि 206.40 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस ईएमसी पार्क पर लगभग 417 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें केंद्र सरकार लगभग 144.48 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि यमुना प्राधिकरण द्वारा लगभग 272.52 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह पार्क उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-8 में सात्विक सोलर प्रा. लि. की अत्याधुनिक इकाई स्थापित की जा रही है। कंपनी को 200 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहां सोलर सेल एवं सोलर मॉड्यूल का निर्माण होगा। इस परियोजना में 8,253 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। परियोजना का भूमिपूजन 14 नवंबर 2025 को किया गया था और वर्तमान में निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
यीडा के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में एसेंड सर्किट्स प्रा. लि. को 16 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां फ्लेक्सिबल पीसीबी, हाई डेंसिटी इंटरकनेक्ट (एचडीआई) पीसीबी तथा सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का निर्माण करेगी। इस परियोजना में 3,250 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी को भूमि आवंटन 16 जनवरी 2026 को किया गया तथा 28 अप्रैल 2026 को लीज डीड निष्पादित की गई।
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-8 में अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लि. को 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां कंपनी कॉपर क्लैड लैमिनेट्स (सीसीएल), असेम्बली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स एप्लायंसेज तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण करेगी। इस परियोजना में 3,532 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके माध्यम से लगभग 2,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। कंपनी को भूमि आवंटन 16 जनवरी 2026 को किया गया।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित किए जा रहे अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क, ओडीओपी पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर उत्तर प्रदेश को नई औद्योगिक पहचान दे रहे हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश, आधुनिक तकनीक, निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेशक-हितैषी नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था, आधुनिक अवसंरचना और त्वरित स्वीकृति प्रणाली का परिणाम है कि देश और विदेश की बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, सोलर ऊर्जा और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हो रहे निवेश उत्तर प्रदेश को भारत के सबसे बड़े औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के युवाओं के लिए हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मजबूत आधार मिलेगा।