प्रयागराज विकास प्राधिकरण के 142वीं बोर्ड की बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र के विस्तार पर हुई चर्चा
प्रयागराज विकास प्राधिकरण के 142वीं बोर्ड की बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र के विस्तार पर हुई चर्चा
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की अध्यक्ष व मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता एवं जिलाधिकारी मनीष वर्मा, उपाध्यक्ष पीडीए, ऋषि राज, नगर आयुक्त साई तेजा, सचिव अजीत सिंह तथा अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में प्रयागराज विकास प्राधिकरण की 142वीं बोर्ड बैठक हुई।
बैठक में सर्वप्रथम मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नवीन शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत शहरों के समग्र विकास तथा विकास प्राधिकरण क्षेत्र के विस्तार की आवश्यकता पर सार्थक चर्चा की गई। जिसके क्रम में आवश्यकता का आकंलन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
प्राधिकरण क्षेत्र में स्थित शहरी सीमा निर्धारण तथा इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की भूमि का समग्र परीक्षण कराने एवं ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से अभिलेखों के डिजिटलीकरण का निर्णय भी लिया गया। इस प्रक्रिया के अंतर्गत ड्रोन से प्राप्त चित्रों को डिजिटाइज़ कर उपलब्ध मानचित्रों के साथ समायोजित किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार के विचलन की सटीक पहचान संभव हो सकेगी। इससे भूमि प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा, राजस्व वृद्धि के नए अवसर सृजित होंगे तथा निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। इस संबंध में मंडलायुक्त ने राजकीय, नजूल, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट एवं अन्य सरकारी भूमि के चिन्हांकन हेतु उनके ऑनलाइन अभिलेख तैयार करने के निर्देश दिए।
प्राधिकरण की विभिन्न आवासीय योजनाओं में रिक्त फ्लैटों के विक्रय के संदर्भ में संशोधित मूल्य निर्धारण पर उपस्थित सदस्यों द्वारा सुझाव दिया गया कि निजी निर्माणकर्ताओं की दरों का तुलनात्मक अध्ययन कर मूल्य का पुनर्निर्धारण किया जाए। इस पर मंडलायुक्त ने आश्वस्त किया कि मूल्य निर्धारण शासन द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों तथा वर्तमान बाजार परिस्थितियों के समुचित परीक्षण के आधार पर ही किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को लाभ मिल सके।
इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण की विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी अनुश्रवण, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से परियोजना प्रबंधन इकाई (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) के चयन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी तथा समयबद्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही, भूमि संबंधी गतिविधियों में तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने हेतु परामर्शदाता नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन प्राप्त हुआ।