पांच लाख ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की कार्य योजना शुरू
पांच लाख ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की कार्य योजना शुरू
प्रयागराज, 18 मार्च उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रयागराज जनपद की लगभग पांच लाख ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की योजना पर कार्य शुरू किया गया है।
सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों का विस्तार कर रही है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। इसके लिए गांवों में राशन कार्ड धारक परिवारों की महिलाओं को विशेष रूप से इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।
प्रभारी उपायुक्त एनआरएलएम गुलाब चंद्र ने बुधवार को बताया कि जनपद में करीब 7.5 लाख राशन कार्ड धारकों में से पांच लाख महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों के साथ-साथ स्वरोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकेंगी और आर्थिक रूप से सशक्त होंगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रयागराज जिले में तीन लाख से अधिक ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं और विभिन्न प्रकार के रोजगार से अपनी आय बढ़ा रही हैं। इन समूहों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे महिलाएं अपने गांव में ही छोटे-छोटे उद्यम स्थापित कर सकें। इनके माध्यम से महिलाएं कपड़ा निर्माण, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, सौंदर्य उत्पाद और ऑर्गेनिक खेती जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं।
प्रदेश स्तर पर अब तक एक करोड़ छह लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष इसे बढ़ाकर तीन करोड़ तक पहुंचाने का है, जिसकी प्रक्रिया तेजी से जारी है।w