प्रेम सम्बंधों में खटास से बैंक मैनेजर के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म केस समझौते के आधार पर रद्द

प्रेम सम्बंधों में खटास से बैंक मैनेजर के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म केस समझौते के आधार पर रद्द

प्रेम सम्बंधों में खटास से बैंक मैनेजर के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म केस समझौते के आधार पर रद्द

प्रयागराज, 29 मई। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने फर्रूखाबाद निवासी बैंक मैनेजर ऋषभ पांडेय के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में दर्ज आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है।

याची अधिवक्ता ने कहा कि पीड़िता ने हलफनामा देकर कहा दोनों में मन-मुटाव के कारण केस दर्ज किया था,अब सुलह हो चुकी है और वह याची के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही नहीं चाहती।

वह विवाहिता है, दो बच्चों की मां है। याची से डेढ़ साल से प्रेम संबंध थे, शादी का दबाव डालने के लिए आपराधिक केस दर्ज किया था। विवेचना अधिकारी व एस पी फर्रूखाबाद को हलफनामा देकर केस खत्म करने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने सी जे एम फर्रूखाबाद की अदालत में चल रहे आपराधिक केस को रद्द कर दिया है। यह मामला थाना फतेहगढ़ कोतवाली, जिला फर्रूखाबाद में बीएनएस की धारा 351(2) और 69 के तहत दर्ज था।

पीड़िता ने 7 जुलाई 2025 को ऋषभ पांडेय के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि दोनों के बीच 10 दिसम्बर 2023 से 22 मई 2025 तक प्रेम संबंध रहे और जब रिश्ता टूटा तो मुकदमा दर्ज हुआ। जांच के दौरान पीड़िता ने स्वयं हलफनामा देकर कहा कि एफआईआर किसी गलतफहमी के कारण दर्ज कराई गई थी और वह अब अभियुक्त के विरुद्ध मुकदमा नहीं चलाना चाहती।

न्यायालय ने कहा कि जब पीड़िता स्वयं मुकदमा वापस लेना चाहती हो और दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाए, तो न्यायालय अपनी अंतर्निहित शक्तियों के तहत कार्यवाही रद्द कर सकता है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में दोषसिद्धि की संभावना नगण्य है और मुकदमा जारी रखना न्यायालय के समय की बर्बादी होगी। तदनुसार, चार्जशीट और संज्ञान आदेश 05.फरवरी 2026 सहित समस्त कार्यवाही रद्द कर दी गई।