एनएसडी का वार्षिक ग्रीष्मकालीन रंगमंच महोत्सव शुक्रवार से
एनएसडी का वार्षिक ग्रीष्मकालीन रंगमंच महोत्सव शुक्रवार से
नई दिल्ली, 07 मई । दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य स्कूल (एनएसडी) में 8 मई से 14 जून तक वार्षिक ग्रीष्म कालीन रंगमंच महोत्सव होगा। इस महोत्सव की शुरूआत शुक्रवार को कन्नड़ नाटक नाटक 'अक्स तमाशा' से होगी। इस नाटक का निर्देशन रंगमंच निर्देशक भानु भारती ने किया है।
एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने गुरुवार को एनएसडी परिसर में हुए संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस उत्सव में 10 नाटक और 26 प्रस्तुतियां होंगी, विभिन्न विधाओं और प्रदर्शन शैलियों पर आधारित हैं। उद्घाटन दिवस का नाटक 'अक्स तमाशा, अक्स-तमाशा' मूल रूप से ज्ञान पीठ पुरस्कार विजेता नाटककार डॉ. चंद्रशेखर बी. कंबर के प्रसिद्ध कन्नड़ नाटक "सीरी सिम्पिगे" का हिंदी रूपांतरण है, जिसका अनुवाद अनुभवी रंगमंच कलाकार प्रोफेसर राम गोपाल बजाज ने किया है।
उन्होंने कहा, “भारत रंग महोत्सव 2026 की अभूतपूर्व सफलता के बाद एनएसडी ग्रीष्मकालीन रंगमंच महोत्सव नाटक प्रेमियों के लिए एक और महत्वपूर्ण नाट्य आयोजन है। हमारे कलाकारों की ओर से नई रचनात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण 10 प्रशंसित प्रस्तुतियों के साथ दिल्ली का सांस्कृतिक वातावरण और भी जीवंत होने वाला है। हमें उम्मीद है कि दर्शक इसे पिछले वर्ष की तरह ही सफल बनाएंगे।”
'अक्स तमाशा' नाटक लोककथा जैसी कथा के माध्यम से भ्रम और सत्य की पड़ताल करता है, जिसमें जुड़वां पात्रों का उपयोग करके इसके विषयों का व्यंग्य और प्रतिबिंब किया गया है। महोत्सव में प्रदर्शित होने वाले अन्य नाटकों में बायें, ताज महल का टेंडर, बंदी गली का आखिरी मकान, माई री मैं का से कहूं, तमस, अंधा युग, बाबूजी, आधे अधूरे और समुद्र मंथन शामिल हैं। दर्शक बुकमाईशो वेब पोर्टल से ऑनलाइन टिकट खरीद सकते हैं। एनएसडी रिपर्टरी के कलाकार राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी आधे अधूरे और तमस नाटकों का प्रदर्शन करेंगे। उत्सव का समापन 14 जून 2026 को आसिफ अली द्वारा लिखित और चित्तरंजन त्रिपाठी द्वारा डिजाइन, संगीतबद्ध तथा निर्देशित नाटक समुद्र मंथन से किया जाएगा।