2027 में सैफई में सिमट जाएगी नकली समाजवाद की दुकान : केशव प्रसाद मौर्य

2027 में सैफई में सिमट जाएगी नकली समाजवाद की दुकान : केशव प्रसाद मौर्य

2027 में सैफई में सिमट जाएगी नकली समाजवाद की दुकान : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 26 जून । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया है कि 2027 के विधानसभा चुनावों तक 'नकली समाजवाद' की दुकान सैफई तक ही सिमट कर रह जाएगी, क्योंकि जनता ने सपा को स्थायी रूप से खारिज कर दिया है।

उप मुख्यमंत्री मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर अपने बयान में कहा, "अब ‘समाजवाद’ नहीं, सिर्फ़ ‘नकली समाजवाद नाम की दुकान’ बची है। वह भी 2027 में सैफई में सिमट जाएगी।"

उन्होंने समाजवादी पार्टी के पिछले शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि 2012 से 2017 तक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के वंशज अखिलेश यादव का दमनकारी शासनकाल था। मौर्य ने आरोप लगाया कि उस दौरान प्रदेश में जातिवाद, परिवारवाद, गुंडागर्दी, माफियाराज, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार चरम पर था, जिससे जनता त्रस्त थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता ने समाजवादी पार्टी की इन नीतियों पर 'हरीगढ़ का परमानेंट ताला' लगा दिया है, यानी उसे हमेशा के लिए नकार दिया है।

केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के इतिहास को 'घिनौना' बताया। वर्तमान परिप्रेक्ष्य पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने सपा के 'पीडीए' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे को 'फर्जी' करार दिया और इसे 'झूठ बोलने वाली ऑटोमैटिक मशीन' बताया। उन्होंने कहा कि सपा केवल झूठ और भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

उप मुख्यमंत्री ने सपा के राजनीतिक भविष्य को 'अंधकारमय' बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता ने सुरक्षा और विकास की गारंटी के लिए तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनाने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता ने समाजवादी पार्टी को अब 'समाप्तवादी पार्टी' मान लिया है और उस पर 'परमानेंट लॉक' लगा दिया है, जिससे उसका राजनीतिक अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

मौर्य का यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा और सपा दोनों ही दल आगामी चुनावों के मद्देनजर एक-दूसरे पर लगातार हमले बोल रहे हैं और अपनी-अपनी रणनीतियों को धार दे रहे हैं। यह बयान प्रदेश की राजनीति में बढ़ती चुनावी सरगर्मी और आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले को दर्शाता है।