ऑपरेशन “आहट” के तहत मिर्जापुर स्टेशन पर मानव तस्करी का प्रयास विफल

छह नाबालिग बालकों का रेस्क्यू एवं दो आरोपित हिरासत में

ऑपरेशन “आहट” के तहत मिर्जापुर स्टेशन पर मानव तस्करी का प्रयास विफल

प्रयागराज, 12 जून। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को उत्तर मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल, मिर्जापुर द्वारा मानव तस्करी एवं बाल मजदूरी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं प्रभारी निरीक्षक के पर्यवेक्षण में ऑपरेशन ‘आहट’ के अंतर्गत यह अभियान एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सहयोग से संचालित किया गया।

यह जानकारी जनसम्पर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने देते हुए बताया कि अभियान के दौरान गाड़ी संख्या 12487 जोगबनी-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से मिर्जापुर स्टेशन तक विशेष निगरानी रखी गई। जांच के दौरान ट्रेन के सामान्य श्रेणी कोच में छह नाबालिग बालकों के साथ दो संदिग्ध व्यक्तियों को यात्रा करते हुए पाया गया। मिर्जापुर स्टेशन पर उन्हें उतारकर पूछताछ की गई, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि बच्चों को रोजगार का प्रलोभन देकर दिल्ली एवं अलीगढ़ ले जाया जा रहा था, जहां उनसे बाल मजदूरी कराए जाने की आशंका थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी छह नाबालिग बालकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया तथा दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। आरोपितों की पहचान मो. मनोजुद्दीन एवं मो. इस्माइल, निवासी जनपद अररिया (बिहार) के रूप में हुई। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, नकद धनराशि, यात्रा टिकट एवं अन्य सामग्री बरामद की गई।

उन्होंने आगे बताया कि प्रारम्भिक जांच एवं आवश्यक पूछताछ के उपरांत दोनों आरोपितों को अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, मिर्जापुर के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं, रेस्क्यू किए गए सभी नाबालिग बालकों को संरक्षण, परामर्श एवं पुनर्वास की आवश्यक प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क-चाइल्डलाइन, मिर्जापुर को सौंपा गया है।

पीआरओ ने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल ने आमजन से अपील की है कि मानव तस्करी अथवा बाल मजदूरी से सम्बंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ या सम्बंधित प्रशासनिक एजेंसियों को दें, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।