अब्दुल्ला आजम खान की याचिका पर हाईकोर्ट का नोटिस, 15 जुलाई को होगी सुनवाई
अब्दुल्ला आजम खान की याचिका पर हाईकोर्ट का नोटिस, 15 जुलाई को होगी सुनवाई
प्रयागराज, 17 जून । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पूर्व विधायक मोहम्मद अब्दुल्ला आज़म खान द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (क्रिमिनल रिवीजन) पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया तथा अगली तिथि से पूर्व पक्षकारों को अपने-अपने प्रत्युत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया।
याचिका में अब्दुल्ला आज़म खान ने कथित ड्यूल पैन कार्ड मामले में अपनी दोषसिद्धि को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता एन.आई. जाफरी को सुनने के पश्चात प्रतिवादियों को काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने साथ ही यह भी आदेश दिया कि अगली सुनवाई से पूर्व पक्षकारों के बीच काउंटर एफिडेविट एवं प्रत्युत्तर हलफनामों का आदान-प्रदान कर लिया जाए।
यह आपराधिक पुनरीक्षण याचिका उन कार्यवाहियों से उत्पन्न हुआ है, जो चुनावी नामांकन से संबंधित दस्तावेजों में कथित रूप से एक से अधिक पैन कार्ड अभिलेखों एवं विसंगतियों के आरोपों से जुड़ी हैं। अपनी याचिका के माध्यम से अब्दुल्ला आज़म खान ने अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा दर्ज निष्कर्षों को चुनौती देते हुए दोषसिद्धि के विवादित निर्णय में हस्तक्षेप की मांग की है।
गौरतलब है कि इसी मामले में 9 जून 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म खान द्वारा दायर संबंधित आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर भी नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा था। आज़म खान ने अपनी दोषसिद्धि तथा सजा को बढ़ाकर 10 वर्ष किए जाने को चुनौती दी है।
दोनों पुनरीक्षण याचिकाओं में समान तथ्यात्मक एवं विधिक प्रश्न शामिल होने को देखते हुए हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आज़म खान की याचिका को मोहम्मद आज़म खान की पूर्ववर्ती याचिका के साथ टैग करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने दोनों मामलों को 15 जुलाई 2026 को फ्रेश केस के रूप में एक साथ सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।