ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जाल में फंसा कर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जाल में फंसा कर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
लखनऊ, 16 मार्च राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना की पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस की मदद से ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जाल में फंसा कर लूट-पाट व ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर अभियुक्त और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 04 मोबाइल, 03 मोटरसाइकिल व नकदी बरामद हुई है।
एडीसीपी उत्तरी ने साेमवार काे बताया कि 15 मार्च को पीड़ित ने थाना अलीगंज पर लिखित तहरीर देकर अवगत कराया गया कि कुछ व्यक्तियों ने एक राय होकर उसके घर में जबरन प्रवेश किया, उसे डरा-धमकाकर ऑनलाइन माध्यम से धनराशि ट्रांसफर कराई। उसका मोबाइल फोन एवं घर में रखा अन्य सामान छीनकर फरार हो गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सोमवार को पुलिस टीम ने सेक्टर ई कूड़ाघर के पास घेराबंदी कर पुलिस ने एक बाल अपचारी समेईत पांच लोगों को पकड़ लिया । इनकी पहचान लखनऊ के गाजीपुर निवासी खालिद अहमद, देवकरण सिंह, सुभाष रावत उर्फ गोलू और आजमगढ़ निवासी आकाश पाण्डेय के रूप में हुई हैं। एक बाल अपचारी को भी पकड़ा हैं।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे लोग ऑनलाइन डेटिंग ऐप “ग्राइंडर” के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे। गिरोह का एक सदस्य पहले पीड़ित के घर या कमरे में जाता था। उसके कुछ ही देर बाद गिरोह के अन्य सदस्य फोन के माध्यम से संकेत प्राप्त कर कमरे का दरवाजा खुलवाकर अंदर प्रवेश कर जाते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य पीड़ित का वीडियो बनाते हुए उसे डरा-धमकाकर कहते थे कि वह नाबालिग के साथ आपत्तिजनक कृत्य करने का प्रयास कर रहा है और यदि उसने पैसे नहीं दिए तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। पुलिस में शिकायत कर उसे जेल भिजवा दिया जाएगा।
इस प्रकार गिरोह पीड़ित से नकदी, मोबाइल व अन्य कीमती सामान लूटने के साथ-साथ क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन धनराशि भी ट्रांसफर करा लेता था। अभियुक्तों ने यह भी स्वीकार किया कि लगभग दो सप्ताह पूर्व एक अन्य व्यक्ति के साथ भी इसी प्रकार की घटना को अंजाम दिया था, जहां से उन्होंने नकदी, हार्ड डिस्क व अन्य सामान लूटने के साथ खाते से ऑनलाइन धनराशि ट्रांसफर कराई थी। अभियुक्तगण व बाल अपचारी के एक सामान आशय से किया गया यह अपराध है। अतः अभियोग उपरोक्त में धारा 3(5) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गयी । गिरोह के अन्य वांछित सदस्य वर्तमान में फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।