अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के पांच शातिर गिरफ्तार, 12 हजार से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड बरामद
अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के पांच शातिर गिरफ्तार, 12 हजार से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड बरामद
कानपुर, 30 मई । साइबर क्राइम सेल पश्चिम जोन और पनकी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी के लिए फर्जी सिम कार्ड और ओटीपी उपलब्ध कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए शनिवार को पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह फर्जी फर्मों के माध्यम से हजारों सिम कार्ड सक्रिय कर देशभर में सक्रिय साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। जांच में विभिन्न राज्यों से जुड़ी शिकायतों के आधार पर करीब 36 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 12,383 सिम कार्ड, आठ लैपटॉप, 50 मोबाइल फोन समेत बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि 3.87 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत की जांच के दौरान इस संगठित गिरोह का पता चला। साइबर सेल ने मोबाइल नंबरों और डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया, जिसके बाद गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपितों में गाजियाबाद निवासी ऋषि शर्मा उर्फ रिंकू, उत्सव त्यागी उर्फ अंकित, दुर्गेश कुमार, हरियाणा निवासी सचिन कुमार और दिल्ली निवासी अजय मित्तल शामिल हैं। इन्हें पनकी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी फर्मों के नाम पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड हासिल करता था। इन सिम कार्डों को सक्रिय कराने के बाद साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था। ठग इन नंबरों का उपयोग कर लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन ट्रेडिंग, भारी छूट और अन्य आकर्षक ऑफरों का लालच देकर ओटीपी, बैंकिंग जानकारी और अन्य डिजिटल विवरण हासिल करते थे।
जांच में सामने आया कि गिरोह लोगों को झांसे में लेने के लिए लोकप्रिय बैंकिंग, ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के नाम का दुरुपयोग करता था। पुलिस जांच में योनो एसबीआई, फ्लिपकार्ट, अमेजन, जियोमार्ट, इंडियन गैस, टेलीग्राम, पे वॉलेट, डॉटकी, ट्रूमैक्स, वीआईपी, रम्मी लूडो और फ्लोट डिजी जैसे ऐप एवं प्लेटफॉर्म के नाम सामने आए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन प्लेटफॉर्म के नाम और सेवाओं का उपयोग साइबर ठगी के नेटवर्क में किस प्रकार किया जा रहा था।
आरोपितों के कब्जे से 12,383 सिम कार्ड, आठ लैपटॉप, आठ स्मार्टफोन, 42 कीपैड मोबाइल, पांच वाई-फाई राउटर, 40 एटीएम कार्ड, बायोमैट्रिक उपकरण, बैंक स्वाइप मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद हुआ है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह लोकप्रिय बैंकिंग, ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के नाम का दुरुपयोग कर लोगों का विश्वास जीतता था।
एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के विश्लेषण में लगभग 36 लाख रुपये की साइबर ठगी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।