प्रयागराज में कांवड़ियों के डीजे पर बवाल: दो पक्षों में तीखी झड़प, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, तीन हिरासत में

प्रयागराज में कांवड़ियों के डीजे पर बवाल: दो पक्षों में तीखी झड़प, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, तीन हिरासत में

प्रयागराज में कांवड़ियों के डीजे पर बवाल: दो पक्षों में तीखी झड़प, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, तीन हिरासत में

प्रयागराज, 18 जुलाई। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में शुक्रवार को कांवड़ यात्रा के दौरान एक अप्रिय घटना सामने आई। मऊआइमा थाना क्षेत्र के सराय ख्वाजा गांव में कांवड़ियों के तेज आवाज में बज रहे डीजे को लेकर स्थानीय निवासियों और कांवड़ यात्रियों के बीच भीषण झड़प हो गई। सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला, दोनों पक्षों को शांत कराया और कांवड़ियों को उनके मार्ग पर आगे बढ़ने दिया। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई जारी है।

पृष्ठभूमि: कांवड़ यात्रा और डीजे का मुद्दा

श्रावण मास में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा हिन्दू धर्म की एक महत्वपूर्ण और पवित्र यात्रा मानी जाती है। इसमें श्रद्धालु गंगा नदी से पवित्र जल लेकर भगवान शिव को अर्पित करने के लिए पैदल यात्रा करते हैं। यात्रा के दौरान भक्तिमय वातावरण बनाने के लिए भजन-कीर्तन और डीजे का प्रयोग आम है, लेकिन कई बार इनकी अत्यधिक तेज आवाज को लेकर स्थानीय निवासियों और धार्मिक जुलूसों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। विशेषकर घनी आबादी वाले या मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरते समय ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे पर अक्सर तनाव देखा जाता है।

विवाद कैसे शुरू हुआ?

पुलिस के अनुसार, यह घटना शुक्रवार दोपहर सराय ख्वाजा गांव से गुजर रहे बाबा विश्वनाथ के भक्तों के एक कांवड़ियों के जत्थे के साथ हुई। बताया जा रहा है कि डीजे पर बज रहे गानों की ध्वनि इतनी अधिक तेज थी कि स्थानीय लोगों को परेशानी होने लगी। कुछ स्थानीय निवासियों ने कांवड़ियों से डीजे की आवाज कम करने का अनुरोध किया। पहले यह विवाद मौखिक बहस तक सीमित रहा, लेकिन जल्द ही यह तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की में बदल गया, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। दोनों पक्षों के कुछ लोग एक-दूसरे से भिड़ गए, जिससे कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया और शांति व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

विवाद और झड़प की सूचना मिलते ही मऊआइमा थानाध्यक्ष के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस टीम ने सूझबूझ और तत्परता से काम लेते हुए सबसे पहले दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिसकर्मियों ने लाउडस्पीकर का उपयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया और उत्तेजित लोगों को शांत कराया। कड़ी मशक्कत के बाद कांवड़ियों को सुरक्षित उनके यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए राजी किया गया, ताकि यात्रा में कोई बाधा न आए और स्थिति और न बिगड़े।

पुलिस का बयान और कानूनी प्रक्रिया

घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस उपायुक्त गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया, "शुक्रवार को सराय ख्वाजा गांव में कांवड़ियों के डीजे की आवाज को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। हमने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाला और कांवड़ यात्रियों को सकुशल उनके गंतव्य के लिए रवाना किया।"

उन्होंने आगे बताया कि कांवड़ यात्रियों की ओर से प्राप्त लिखित शिकायत (तहरीर) के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर, हंगामा और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले तीन स्थानीय लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे के वास्तविक कारणों और अन्य संलिप्त व्यक्तियों का पता लगाया जा सके। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

वर्तमान स्थिति

फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है, और पुलिस प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस का कहना है कि किसी भी प्रकार की धार्मिक यात्रा के दौरान शांति भंग करने या कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और संयम बरतने की अपील की है।