गांजा तस्करी के आरोप में सजा के खिलाफ अपील, हाईकोर्ट ने सजा निलम्बित कर दी सशर्त जमानत
गांजा तस्करी के आरोप में सजा के खिलाफ अपील, हाईकोर्ट ने सजा निलम्बित कर दी सशर्त जमानत
प्रयागराज, 25 मई। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 53.370 किलो गांजा की तस्करी के आरोप में विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई सजा निलम्बित करते हुए अजीत कुमार यादव की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है।
कोर्ट ने कहा है कि रिहाई के दो माह के भीतर जुर्माने की आधी राशि जमा करनी होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने सजा के खिलाफ अपील में दाखिल अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है।
अर्जी पर अधिवक्ता का कहना था कि याची निर्दाेष है। वास्तव में याची व सह अभियुक्त के पास से कोई गांजा बरामद नहीं किया गया। एन डी पी एस एक्ट की धारा 8/20 के तहत बलिया के सुखपुरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। अर्जी में सजा निलम्बित कर जमानत पर रिहाई की मांग की गई थी। सत्र अदालत ने साक्ष्यों को ठीक से समझ सजा सुनाई है। याची का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। ट्रायल के दौरान वह जमानत पर था। अभी सजा के समय 5 जनवरी 26 से जेल में बंद है। वह कुल एक साथ पांच महीने जेल में काट चुका है। अपील की शीघ्र सुनवाई की संभावना नहीं है। इसलिए जमानत पर रिहा किया जाए।
सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने बिना मेरिट पर गये याची को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।