प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा में उतरे 60 NCC कैडेट्स, 10 दिन तक चलाएंगे ‘मिशन गंगा’

स्वच्छ जल, हरित तट’ के संदेश के साथ सरस्वती घाट से शुरू हुआ नदी नौकायन अभियान; 35 बालक और 25 बालिका कैडेट्स गंगा की स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए करेंगे जागरूक।

प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा में उतरे 60 NCC कैडेट्स, 10 दिन तक चलाएंगे ‘मिशन गंगा’



प्रयागराज, 22 अक्टूबर । युवाओं में साहस, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से गुरुवार को सरस्वती घाट से एनसीसी नदी नौकायन अभियान-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। एनसीसी निदेशालय (उत्तर प्रदेश), लखनऊ के तत्वावधान में 1 यूपी नेवल यूनिट एनसीसी, प्रयागराज की ओर से आयोजित इस 10 दिवसीय अभियान में 60 कैडेट्स प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा नदी के रास्ते यात्रा करेंगे। अभियान का मुख्य विषय मिशन गंगा : स्वच्छ जल, हरित तट’ रखा गया है।

एनसीसी निदेशालय (उत्तर प्रदेश) के अपर महानिदेशक मेजर जनरल गौरव गौतम, विशिष्ट सेवा मेडल ने हरी झंडी दिखाकर अभियान दल को रवाना किया। अभियान 22 से 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसका समापन वाराणसी के अस्सी घाट पर होगा। दल में 35 बालक और 25 बालिका कैडेट्स शामिल हैं। अभियान का संचालन एक अधिकारी और 26 सहयोगी स्टाफ सदस्यों के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

युवाओं में नेतृत्व और आत्मविश्वास विकसित करते हैं साहसिक अभियान

शुभारंभ समारोह में मेजर जनरल गौरव गौतम ने कहा कि साहसिक अभियान युवाओं के व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे अभियानों से कैडेट्स में आत्मविश्वास, शारीरिक सहनशक्ति, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और सामूहिक रूप से काम करने की भावना विकसित होती है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का व्यावहारिक अनुभव उन्हें कठिनाइयों का सामना करने और उन पर विजय पाने के लिए तैयार करता है। इससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक बन सकते हैं।

गंगा की स्वच्छता का संदेश लेकर आगे बढ़ेंगे कैडेट्स

अभियान का उद्देश्य कैडेट्स को नौकायन, नौका संचालन, नदी नौवहन और जल सुरक्षा जैसी गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव देना है। इसके साथ ही भारत सरकार के नमामि गंगे कार्यक्रम के अनुरूप गंगा नदी को स्वच्छ रखने, जल प्रदूषण रोकने, जल संरक्षण और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने के प्रति जनजागरूकता फैलाना भी अभियान का प्रमुख लक्ष्य है।

यात्रा के दौरान कैडेट्स चांडी, सिरसा, पांडेयपुर परवा, हरगढ़ बाजार, डंगहर, निफरा, विसुंदरपुर, कठिनाई घाट और गंगपुर सहित निर्धारित पड़ावों से गुजरेंगे। रात्रि विश्राम के दौरान वे स्थानीय लोगों से संवाद कर गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे।

सुरक्षा के लिए किए गए व्यापक इंतजाम

अभियान में 27 फीट लंबी तीन डीके व्हेलर नौकाओं के साथ दो सुरक्षा नौकाएं और एक जेमिनी बोट शामिल हैं। अभियान से पहले कैडेट्स को तैराकी, नौकायन, बोट पुलिंग, नौका संचालन, सीमैनशिप और जल सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है। उनकी सुरक्षा के लिए जीवन रक्षक जैकेट, संचार उपकरण, चिकित्सा सहायता और आपातकालीन बचाव की व्यवस्था की गई है। पूरे मार्ग पर संबंधित जिला प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा संस्थानों और अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।

समारोह में प्रयागराज के पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया, ब्रिगेडियर नवनीत डागर, ब्रिगेडियर चिव मेहता, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर सौरव वत्स सहित सेना, नागरिक प्रशासन और एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रक्षा मंत्रालय, प्रयागराज के जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रवक्ता विंग कमांडर देबार्थो धर ने बताया कि एनसीसी नदी नौकायन अभियान युवाओं में साहस, नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि ‘मिशन गंगा : स्वच्छ जल, हरित तट’ के जरिए कैडेट्स गंगा की स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाएंगे। यह पहल युवा सशक्तीकरण, राष्ट्र निर्माण और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति एनसीसी की

प्रतिबद्धता को दर्शाती है।