शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी विद्यार्थियों को असफल कर रहे : उमंग सिंघार
शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी विद्यार्थियों को असफल कर रहे : उमंग सिंघार
प्रयागराज, 25 जून। देश में छात्र असफल नहीं हो रहे हैं, बल्कि शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की विफलताएं विद्यार्थियों को असफल बना रही हैं। यह बात गुरुवार को प्रयागराज में मीडिया से वार्ता करते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं के निरस्तीकरण, परिणामों में विलंब और भर्ती प्रक्रियाओं में अव्यवस्था ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में विद्यार्थियों का विश्वास डगमगाता है, तब जवाबदेही भी राष्ट्रीय स्तर पर तय होनी चाहिए।
प्रयागराज में आयोजित पत्रकार वार्ता में उमंग सिंघार ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी एक परीक्षा का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा का संघर्ष है।
विद्यार्थियों की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच देने का अभियान
कांग्रेस पार्टी ने 25 जून से 9 अगस्त तक चलाए जाने वाले ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से देश के 28 प्रमुख नगरों में विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों, शिक्षण संस्थानों, पुस्तकालयों और युवा समूहों से संवाद किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत 1 अगस्त को विभिन्न जिलों में कलेक्ट्रेट घेराव तथा 9 अगस्त को दिल्ली में संसद घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
उमंग सिंघार ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य उन विद्यार्थियों और युवाओं की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है, जो बार-बार प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा निरस्तीकरण, भर्ती में देरी और परीक्षा प्रणाली की खामियों का दुष्परिणाम झेल रहे हैं।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा प्रकरण पर उठाए प्रश्न
उमंग सिंघार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) 2026 से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रकरण देश की परीक्षा प्रणाली में व्याप्त गंभीर कमियों को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र कुछ लोगों तक पहुंच जाता है, तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा निरस्त होने का विषय नहीं है, बल्कि लाखों विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, मानसिक संतुलन और भविष्य पर सीधा आघात है।
प्रश्नपत्र लीक अब राष्ट्रीय संकट
उमंग सिंघार ने कहा कि पिछले वर्षों में अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाएं प्रश्नपत्र लीक के आरोपों से प्रभावित हुई हैं। इससे युवाओं का विश्वास कमजोर हुआ है तथा रोजगार और शिक्षा के अवसरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक अब केवल नकल का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संगठित तंत्र का रूप ले चुका है, जिसकी निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है।
उमंग सिंघार ने कहा कि देश में शिक्षा अधिकार का विषय है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में यह व्यापार का रूप लेती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा कांग्रेस विद्यार्थियों की आवाज़ को सड़क से संसद तक पहुंचाने का कार्य करेगी।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें तथा कथित प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क और उससे जुड़े सभी व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्टी ने संपूर्ण परीक्षा व्यवस्था के पुनर्गठन, प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर परीक्षा संचालन तक प्रत्येक चरण की स्वतंत्र जांच तथा सभी परीक्षाओं और भर्तियों के लिए समयबद्ध वार्षिक कैलेंडर लागू करने की भी मांग की है।