लखनऊ में सिविल डिफेंस के नए बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

लखनऊ में सिविल डिफेंस के नए बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

लखनऊ में सिविल डिफेंस के नए बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

लखनऊ, 26 दिसंबर । नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लखनऊ में शुक्रवार काे सिविल डिफेंस के नए बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत 90 स्वयंसेवकों ने सिविल डिफेंस वार्डन के रूप में प्रशिक्षण लेना शुरू किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने वार्डन सेवा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल से ही स्वयंसेवकों की दक्षता बनी रहती है। जिलाधिकारी ने पुलिस लाइन में पूर्व में आयोजित मॉक ड्रिल का उल्लेख करते हुए वार्डनों के प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि ऐसे अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए।

जिलाधिकारी ने यह भी घोषणा की कि शीघ्र ही संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर स्कूलों, कॉलेजों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सप्ताह में कम से कम एक बार आमजन के लिए सिविल डिफेंस प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाएगा, ताकि आपदा की स्थिति में नागरिक स्वयं भी सतर्क और सक्षम बन सकें।

कार्यक्रम के दौरान चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्र ने फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासनिक सहायता पहुंचने से पहले सिविल डिफेंस वार्डन ही सबसे पहले मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हैं। आग, बाढ़ या अन्य आपात स्थितियों में घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देना, सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना और स्थिति को नियंत्रित करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी होती है।

उन्होंने कहा कि ब्लैकआउट या संकट की स्थिति में अफवाहों को रोकना, जनता में भय की स्थिति को कम करना तथा भोजन और दवाओं जैसी राहत सामग्री के वितरण में प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करना भी वार्डनों की अहम भूमिका होती है। स्थानीय स्तर पर जनता से सीधे जुड़े होने के कारण वार्डन संकट के समय समाज के लिए भरोसेमंद सहयोगी बनते हैं।

कार्यक्रम में स्टाफ ऑफिसर टू चीफ वार्डन ऋतु राज रस्तोगी, उप नियंत्रक रवींद्र कुमार, एडीसी मनोज वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।