श्री विद्यामठ में तीन दिवसीय पूर्णिमा महोत्सव,शंकराचार्य के सानिध्य में विविध कार्यक्रम

श्री विद्यामठ में तीन दिवसीय पूर्णिमा महोत्सव,शंकराचार्य के सानिध्य में विविध कार्यक्रम

श्री विद्यामठ में तीन दिवसीय पूर्णिमा महोत्सव,शंकराचार्य के सानिध्य में विविध कार्यक्रम

वाराणसी, 2 नवंबर । उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में कार्तिक पूर्णिमा के पूर्व विविध धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी अन्तिम दौरान में हैं। केदारघाट स्थित श्री विद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती के सान्निध्य में त्रिदिवसीय पूर्णिमा महोत्सव की शुरूआत तीन नवंबर सोमवार से होगी। पहले दिन त्रयोदशी को कवि दमदार बनारसी के अगुवाई में आयोजित कवि सम्मेलन में कवि काव्यपाठ करेंगें। यह जानकारी रविवार को मठ के प्रवक्ता संजय पांडेय ने दी।

उन्होंने बताया कि देवदीपावली पर्व तक काशीवास कर रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती के मौजूदगी में विविध धार्मिक अनुष्ठान भी होगा। पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन चतुर्दशी (चार नवम्बर) को डॉ दिव्या श्रीवास्तव के नेतृत्व में ख्यातिलब्ध कलाकार नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देंगे। तृतीय दिवस पूर्णिमा पर डॉ श्रावणी विश्वास एवं शारवनी मुखर्जी के नेतृत्व में विख्यात कलाकार शंकराचार्य महाराज एवं भक्तों के समक्ष भावविभोर कर देने वाले भजनों को प्रस्तुत करेंगे।

उन्होंने बताया कि त्रिदिवसीय पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन ब्रम्हचारी परमात्मानंद के कुशल मार्गदर्शन व हजारी कीर्ति नारायण शुक्ला के संयोजन में होगा। बताया गया कि देवदीपावली का पर्व काशी में विशेष महत्व रखता है। पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया तब समस्त देवतागण अत्यंत प्रसन्न हुए और अपनी प्रसन्नता को व्यक्त करने व भगवान शिव का आभार जताने के लिए सभी काशी नगरी आए। यहां गंगा तट पर दीपोत्सव का आयोजन किया। तब से आज तक देवताओं द्वारा शुरू किए गए उपक्रम को प्रत्येक काशीवासी हर्षोल्लास के साथ प्रतिवर्ष मनाते आ रहे हैं।