प्रदेशभर के स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया नवजात पुनर्जीवन का प्रशिक्षण

प्रदेशभर के स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया नवजात पुनर्जीवन का प्रशिक्षण

प्रदेशभर के स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया नवजात पुनर्जीवन का प्रशिक्षण

लखनऊ, 10 मई । उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान तथा नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम के सहयोग से रविवार को प्रदेशभर में नियोनेटल रेससिटेशन प्रोग्राम (नवजात पुनर्जीवन कार्यक्रम, NRP) के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। वीरांगना अवंतीबाई जिला महिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन अपर निदेशक, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) डॉ. अजय गुप्ता, महाप्रबंधक (बाल स्वास्थ्य) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. मिलिंद वर्धन ने किया।

डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि नियोनेटल रेससिटेशन प्रोग्राम (एनआरपी) नवजात मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रसव के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में नवजात देखभाल सेवाएं और अधिक सुदृढ़ हो सकें।

डॉ. मिलिंद ने बताया कि जन्म के बाद करीब 10 से 15 प्रतिशत नवजातों को सांस लेने में कठिनाई जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि जन्म के पहले एक मिनट के भीतर सही चिकित्सीय प्रबंधन उपलब्ध हो जाए, तो नवजात मृत्यु के साथ-साथ संभावित शारीरिक एवं मानसिक दिव्यांगता को भी रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण प्रसव केंद्रों पर नवजात आपात स्थितियों के त्वरित प्रबंधन की क्षमता को मजबूत करेगा, जिससे अनावश्यक रेफरल में कमी आएगी और अधिक नवजातों का जीवन सुरक्षित किया जा सकेगा।

डॉ. मिलिंद ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल एवं जिला महिला अस्पताल सहित कुल 205 प्रशिक्षण केंद्रों पर करीब 6,000 बाल रोग विशेषज्ञों, लेबर रूम एवं एनबीएसयू (Newborn Stabilization Unit) के स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

चिकित्सालय की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति मल्होत्रा ने बताया कि जनपद में यह प्रशिक्षण वीरांगना अवंतीबाई जिला महिला अस्पताल, केजीएमयू, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल एवं कमांड अस्पताल में आयोजित किया गया। वीरांगना अवंतीबाई चिकित्सालय के बाल रोग चिकित्सकों, स्टाफ नर्स एवं रेजिडेंट्स सहित नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एन.के. रोड, ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय, अलीगंज, टुडियागंज, इंदिरा नगर, सिल्वर जुबली, रेडक्रॉस एवं ऐशबाग के बाल रोग विशेषज्ञों और स्टाफ नर्स सहित 80 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।

प्रशिक्षण में डॉ. सलमान के साथ डॉ. फैजान, केजीएमयू के रेजिडेंट्स मुकुल एवं डॉ. रिचा तथा यूपीटीएसयू की डॉ. कीर्ति ने प्रशिक्षक के रूप में सहयोग किया। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।