प्रयागराज में गंगा-यमुना विकराल रूप धारण कर रहीं, जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से हड़कंप
प्रयागराज में गंगा-यमुना विकराल रूप धारण कर रहीं, जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से हड़कंप
प्रयागराज, 19 जुलाई । संगम नगरी प्रयागराज में पतित पावनी मां गंगा और यमुना नदियां अपने रौद्र रूप में आ रही हैं। पिछले 24 घंटों से दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कछारी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि ने प्रशासन और स्थानीय निवासियों की नींद हराम कर दी है।
निवासियों का पलायन शुरू, दैनिक जीवन प्रभावित मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की शाम से ही नदियों का जलस्तर अप्रत्याशित गति से बढ़ना शुरू हो गया था, और शनिवार सुबह भी इसमें लगातार वृद्धि दर्ज की गई। इस तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण कछारी क्षेत्रों, विशेषकर दारागंज, बघाड़ा, सलोरी, छोटा बघाड़ा, झूंसी और नैनी के निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों ने अपने घरों से सामान समेटना शुरू कर दिया है। वे बाढ़ के खतरे को देखते हुए सुरक्षित ऊंचे स्थानों, स्कूलों या सरकारी शिविरों की ओर पलायन कर रहे हैं। कई घरों में घुटनों तक पानी घुस गया है, जिससे उनकी दैनिक दिनचर्या बाधित हो गई है। मछुआरों और किसानों को भी अपनी आजीविका पर संकट मंडराता दिख रहा है।
प्रशासन सक्रिय, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें तैनात जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। ये टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, निचले इलाकों में जलभराव को रोकने के लिए हाई-पॉवर वाटर लिफ्टर पंपों की व्यवस्था की गई है, जो पानी को बाहर निकालने का काम करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
नदियों का जलस्तर खतरे के निशान की ओर शनिवार सुबह 8 बजे दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है।
- यमुना नदी का नैनी में जलस्तर 82.63 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें बीते 24 घंटों में लगभग 118 सेंटीमीटर की भारी वृद्धि हुई है।
- इसी तरह, गंगा नदी के फाफामऊ घाट पर जलस्तर 82.61 मीटर पर पहुंच गया है, जहां 74 सेंटीमीटर की वृद्धि देखी गई।
- बक्सी बांध पर नदी का जलस्तर 82.65 मीटर तक पहुंच गया है, जिसमें 84 सेंटीमीटर का उछाल आया है।
- वाराणसी की ओर छतनाग घाट पर भी जलस्तर 82.13 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें लगभग 84 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई।
हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि फिलहाल सभी बंधे (बांध) सुरक्षित हैं और पानी का दबाव सहन करने में सक्षम हैं। उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में नदियों का जलस्तर 79.50 मीटर से अधिक होने पर ही चिंताजनक स्थिति मानी जाती है, और वर्तमान में यह आंकड़ा खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका जताई है, जिससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है।