डाक विभाग की गलती से परीक्षा से वंचित अभ्यर्थी को मिली राहत

डाक विभाग की गलती से परीक्षा से वंचित अभ्यर्थी को मिली राहत

प्रयागराज, 24 जून  इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रियंका गौतम को सहायक अभियोजन अधिकारी मुख्य परीक्षा में अनंतिम रूप से सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान की।

याची ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के विरुद्ध याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि उन्होंने ऑनलाइन आवेदन फॉर्म की हार्ड कॉपी और आवश्यक दस्तावेज कट-ऑफ तिथि 29 मई 2026 से पहले ही डाक द्वारा भेज दिए थे, परंतु डाक विभाग की लापरवाही के कारण दस्तावेज नियत तिथि के बाद आयोग को प्राप्त हुए।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने यह देखते हुए कि आयोग ने भी इस तथ्य से इन्कार नहीं किया, याची को राहत देते हुए निर्देश दिए कि अभ्यर्थी को 24 घंटे के भीतर डाक प्रेषण का वैध प्रमाण आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। प्रमाण प्रस्तुत होने पर आयोग आवेदन फॉर्म स्वीकार करने की व्यवस्था करेगा। अभ्यर्थी को अनंतिम रूप से परीक्षा में बैठने और प्रवेश पत्र जारी करने की अनुमति होगी।

यह आदेश याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। कोर्ट ने राज्य सरकार व आयोग को चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।