वायु गुणवत्ता प्रबंधन अधिनियम के तहत शिकायत में रिलायंस बाॅयो एनर्जी को अंतरिम राहत
वायु गुणवत्ता प्रबंधन अधिनियम के तहत शिकायत में रिलायंस बाॅयो एनर्जी को अंतरिम राहत
प्रयागराज, 21 मई। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021’ के तहत दायर एक शिकायत मामले में रिलायंस बाॅयो एनर्जी को अंतरिम राहत दी है।
रिलायंस बाॅयो एनर्जी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक सहायक कम्पनी है, जो कृषि अपशिष्ट (पराली) का उपयोग करके पूरे भारत में कंप्रेस्ड बाॅयोगैस प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया में है। एक फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा निरीक्षण किए जाने के बाद रामपुर, जिला-हापुड़ के चिताउली गांव में स्थित एक यूनिट के संबंध में अधिनियम की धारा 14(2) के तहत कम्पनी के निदेशक को सम्मन जारी किया गया।
कम्पनी ने कोर्ट को बताया कि उन पर दो लाख 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते में जमा कर दिया गया। इसके बाद उन्हें समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की शर्त पर यूनिट चलाने की अनुमति दी गई। इसके बाद यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गाजियाबाद के क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक पर्यावरण अभियंता द्वारा ‘दुर्भावना पूर्ण इरादे’ से यह शिकायत दायर की गई।
यह देखते हुए कि इस मामले पर विचार-विमर्श की आवश्यकता है, प्रतिवादी को नोटिस जारी करते हुए जस्टिस दीपक वर्मा ने कहा कि “मामले की अगली सुनवाई की तारीख तक शिकायत मामला संख्या 5087/2025 (उत्तर प्रदेश राज्य बनाम रिलायंस बाॅयो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड) में आवेदक के खिलाफ आगे की कार्यवाही, जो ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021’ की धारा 14(2) के तहत हाफिजपुर पुलिस स्टेशन, जिला हापुड़ में दर्ज है, पर रोक रहेगी।” याचिका रिलायंस बाॅयो एनर्जी लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि गोपेश कुमार शर्मा की तरफ से दाखिल की गई है।